इ की मात्रा वाले शब्द: e ki matra wale shabd | E ki Matra wale shabd worksheet | e ki matra ke shabd likho

On: May 2, 2026 11:27 AM
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हिंदी भाषा को पढ़ना, लिखना और सीखना किसी भी विद्यार्थी के लिए एक बुनियादी कौशल है, और यह कार्य “मात्राओं” (Matras) के ज्ञान के बिना अधूरा माना जाता है। हिंदी वर्णमाला में मात्राएं वे चिह्न (Diacritical marks) हैं, जिन्हें व्यंजनों के साथ लगाकर नए शब्दों का निर्माण किया जाता है। विद्यार्थियों के लिए दो सबसे महत्वपूर्ण और भ्रमित करने वाली मात्राएं हैं ‘छोटी इ ( ि )’ और ‘बड़ी ई ( ी )’। इनके सही प्रयोग और अंतर को समझना ही एक सटीक और प्रभावशाली शब्द-भंडार की नींव रखता है। इस लेख में, हम इन दोनों मात्राओं के व्यापक अंतर, उनके शब्दों की विस्तृत सूचियों, उदाहरण वाक्यों और सामान्य प्रश्नों (FAQs) के माध्यम से इसे सरलतापूर्वक समझेंगे।

एक नज़र में मात्राएँ

इन दोनों मात्राओं के व्यावहारिक अंतर को स्पष्ट करने के लिए, नीचे दी गई तालिका में उनकी मुख्य विशेषताओं को दर्शाया गया है:

विशेषता छोटी इ (Chhoti I) बड़ी ई (Badi EE)
स्वर वर्ण इ (तीसरा स्वर) ई (चौथा स्वर)
मात्रा का चिह्न ि (व्यंजन के बाईं ओर लगता है) ी (व्यंजन के दाईं ओर लगता है)
उच्चारण ह्रस्व (छोटा) – उच्चारण कम समय में होता है दीर्घ (लंबा) – उच्चारण में अधिक समय लगता है
उदाहरण ‘कि’ (जैसे- किताब): ‘क’ + ‘ि’ + ‘त’ + ‘ा’ + ‘ब’ ‘की’ (जैसे- कील): ‘क’ + ‘ी’ + ‘ल’
शब्द में स्थिति किसी भी स्थान पर आ सकती है किसी भी स्थान पर आ सकती है

हिंदी व्यंजनों पर इन मात्राओं का प्रयोग निम्न प्रकार से होता है:

व्यंजनों के प्रकार छोटी इ (ि) मात्रा के उदाहरण बड़ी ई (ी) मात्रा के उदाहरण
क वर्ग (क, ख, ग, घ) कि, खि, गि, घि की, खी, गी, घी
च वर्ग (च, छ, ज, झ) चि, छि, जि, झि ची, छी, जी, झी
ट वर्ग (ट, ठ, ड, ढ) टि, ठि, डि, ढि टी, ठी, डी, ढी
त वर्ग (त, थ, द, ध) ति, थि, दि, धि ती, थी, दी, धी
प वर्ग (प, फ, ब, भ) पि, फि, बि, भि पी, फी, बी, भी
अन्य (य, र, ल, व) यि, रि, लि, वि यी, री, ली, वी
उष्म व्यंजन (श, ष, स, ह) शि, षि, सि, हि शी, षी, सी, ही
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शब्द सूचियाँ (Word Lists)

शब्दों को उनकी जटिलता के अनुसार अलग-अलग वर्गों में बांटा गया है। यह वर्गीकरण विशेष रूप से छोटे बच्चों या हिंदी सीखने वालों के लिए उपयोगी है।

‘छोटी इ (ि)’ की मात्रा:

  • दो अक्षर वाले शब्द (2-Letter Words)

    • उदाहरण: अति, कवि, दिल, रवि, पिता, किया, गिला, चित, शिव, नियम, टिकट, हिरन, गिलास.

  • तीन अक्षर वाले शब्द (3-Letter Words)

    • उदाहरण: किसान, तिनका, बिल्ली, चिड़िया, पिताजी, शिक्षा, विज्ञान, दिवाली.

  • चार अक्षर वाले शब्द (4-Letter Words)

    • उदाहरण: अविवाहित, निमंत्रण, विश्वास, किलकारी, तितली, शिकारी.

‘बड़ी ई (ी)’ की मात्रा:

  • दो अक्षर वाले शब्द (2-Letter Words)

    • उदाहरण: किला, कली, कील, खीर, गली, चीता, जीत, नीम, पीर, बीज, मीत, रीत, लीक, वीर, शीश, हीरा.

  • तीन अक्षर वाले शब्द (3-Letter Words)

    • उदाहरण: दीपक, रानी, मछली, चाबी, थाली, घड़ी, बकरी, कहानी, नदी, लकड़ी.

  • चार अक्षर वाले शब्द (4-Letter Words)

    • उदाहरण: अलमारी, खिड़की, गिलहरी, तितली, नमकीन, महारानी, शरीर, सावधानी.

वाक्यों में प्रयोग (Usage in Sentences)

मात्रा के ज्ञान को ठोस बनाने के लिए उसे वाक्यों के संदर्भ में समझना आवश्यक है। यहाँ कुछ उदाहरण दिए गए हैं:

  • कल्पना (यहाँ ‘ इ ‘ मात्रा का प्रयोग): “कवि ने पिता के बारे में एक सुंदर कविता लिखी।” (यहाँ ‘ कवि ‘ और ‘ पिता ‘ में ‘ इ ‘ की मात्रा है).

  • यथार्थ (यहाँ ‘ ई ‘ मात्रा का प्रयोग): “रानी ने अपने दीपक की खिड़की से नीम के पेड़ को देखा।” (यहाँ प्रत्येक शब्द में ‘ ई ‘ की मात्रा है).

  • दोनों का मिश्रण (Mixed Example): “दीदी ने तितली को पकड़ने के लिए दिल से प्रयास किया।” (यहाँ ‘ दीदी ‘ और ‘ तितली ‘ में ‘ ई ‘ की मात्रा, जबकि ‘ दिल ‘ और ‘ प्रयास ‘ में ‘ इ ‘ की मात्रा है).

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बच्चों को मात्राएँ सिखाने के लिए सुझाव (Tips for Teaching Matras)

  1. व्यंजनों से शुरू करें: सबसे पहले ‘क’, ‘ख’, ‘ग’… पर अलग-अलग मात्रा लगाकर ‘कि’, ‘की’, ‘खि’, ‘खी’ बनाने का अभ्यास कराएं।

  2. चित्रों का उपयोग करें: ‘मछली (🐠)’ या ‘तितली (🦋)’ के चित्र दिखाकर उन्हें शब्द पहचानने में मदद करें।

  3. वर्कशीट (Worksheets) का उपयोग करें: विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से ‘ई की मात्रा Worksheet’ डाउनलोड करके अभ्यास कराएं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. ‘इ’ और ‘ई’ की मात्रा में मुख्य अंतर क्या है?
‘इ’ (ि) एक ह्रस्व (छोटी) ध्वनि है, जिसका उच्चारण कम समय में होता है, जबकि ‘ई’ (ी) एक दीर्घ (लंबी) ध्वनि है, जिसके उच्चारण में अधिक समय लगता है।

2. क्या कोई ऐसा सरल नियम है जिससे इनमें अंतर किया जा सके?
उच्चारण का सरल नियम है कि ‘किताब’ (पुस्तक) और ‘कल’ (धातु की छड़) बोलकर देखें। ‘कि’ में ध्वनि छोटी रुकती है, जबकि ‘की’ में लंबी खिंचती है।

3. क्या बिना व्यंजन के स्वर ‘इ’ और ‘ई’ का स्वतंत्र रूप से प्रयोग किया जा सकता है?
हाँ, ये स्वतंत्र स्वर वर्ण हैं। उदाहरण के लिए, तना, सलिए; ख, ंट, श्वर में इनका प्रयोग हुआ है।

4. क्या ‘इ’ या ‘ई’ की मात्रा कभी शब्दों के अंत में लगती है?
हाँ, ‘नदी’, ‘रानी’, ‘तितली’ जैसे शब्द ‘ई’ (ी) की मात्रा के साथ समाप्त होते हैं, जबकि ‘कवि’, ‘रवि’ जैसे शब्द ‘इ’ (ि) की मात्रा के साथ समाप्त होते हैं।

5. क्या ‘ई’ ()ी) मात्रा से समाप्त होने वाले सभी शब्द स्त्रीलिंग होते हैं?
आम तौर पर हाँ, लेकिन सभी नहीं। उदाहरण के लिए, ‘दीपक’, ‘आदी’, ‘नादी’ (संगीतकार) शब्द स्त्रीलिंग नहीं हैं।

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6. एक शब्द में दोनों मात्राएँ एक साथ कैसे आ सकती हैं?
जब एक शब्द में एक से अधिक अक्षर हों, तो प्रत्येक अक्षर में भिन्न मात्रा हो सकती है। उदाहरण के लिए, ‘तितली‘ में पहले अक्षर ‘ति’ में ‘ि’ (इ) मात्रा है, दूसरे अक्षर ‘त’ में कोई मात्रा नहीं (अ की मात्रा छुपी है) और तीसरे अक्षर ‘ली’ में ‘ी’ (ई) मात्रा है।

7. मैं ‘इ’ और ‘ई’ मात्रा वाले अधिक शब्द कहाँ से प्राप्त कर सकता/सकती हूँ?
इंटरनेट पर ‘500+ Chhoti I ki matra wale Shabd’ और ‘550+ Badi EE ki matra wale Shabd’ जैसे संसाधन उपलब्ध हैं, जो सैकड़ों शब्दों की विस्तृत सूची प्रदान करते हैं।

8. क्या ‘ऋ’ (ृ) की मात्रा भी इन्हीं में शामिल है?
नहीं, ‘इ’ और ‘ई’ से भिन्न, ‘ऋ’ हिंदी का एक और स्वर है, जिसकी एक अनूठी मात्रा ‘ृ’ है, जिसका प्रयोग सीमित शब्दों में होता है, जैसे कि कृपया, वृक्ष, श्री आदि।

9. क्या मात्राएं सीखने के लिए कोई विशेष ऐप या पुस्तक है?
बाजार में कई बच्चों की हिंदी पाठ्यपुस्तकें और “Hindi Matra Book” नाम से कई विकल्प उपलब्ध हैं। ऑनलाइन, ‘YouTube’ पर ‘LogicTouch’ जैसे चैनलों पर सरल वीडियो ट्यूटोरियल भी मौजूद हैं।

निष्कर्ष

हिंदी भाषा में निपुणता प्राप्त करने के लिए ‘ि’ (छोटी इ) और ‘ी’ (बड़ी ई) मात्राओं के बीच के सूक्ष्म अंतर को समझना एक अनिवार्य कदम है। यह कोई रटने वाला विषय नहीं है, बल्कि एक अभ्यास और संदर्भ-आधारित सीख है। उम्मीद है कि इस लेख में दी गई युक्तियाँ, तुलनात्मक तालिकाएँ, व्यापक शब्द सूचियाँ और अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न आपको या आपके किसी परिचित को इन मात्राओं में महारत हासिल करने में सहायक सिद्ध होंगे। नियमित अभ्यास और सही मार्गदर्शन के साथ, हिंदी पढ़ना और लिखना न केवल सरल बल्कि एक आनंददायक अनुभव बन जाएगा।

Ashish Pandey

मेरा नाम आशीष पांडे है, मैं एक कंटेंट राइटर के तौर पर काम करता हूँ और मुझे लेख लिखना बहुत पसंद है। 4 साल के ब्लॉगिंग अनुभव के साथ मैं हमेशा दूसरों को प्रेरित करने और उन्हें सफल ब्लॉगर बनाने के लिए ज्ञान साझा करने के लिए तैयार रहता हूँ।