यूपीटीईटी (UPTET) 2026 पूर्ण पाठ्यक्रम और परीक्षा पैटर्न | UP TET Syllabus in Hindi | यूपीटीईटी का सिलेबस 2026

On: May 4, 2026 12:25 PM
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उत्तर प्रदेश में शिक्षक बनने का सपना देख रहे अभ्यर्थियों के लिए यूपीटीईटी (UPTET) परीक्षा एक महत्वपूर्ण अवसर है। इस परीक्षा का आयोजन उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPSESSB) द्वारा किया जाता है, जो राज्य के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए उम्मीदवारों की पात्रता निर्धारित करता है। यहाँ हम आपको UPTET 2026 के नवीनतम पाठ्यक्रम, परीक्षा पैटर्न, मार्किंग स्कीम और तैयारी से जुड़ी सभी आवश्यक बातों की जानकारी दे रहे हैं।

यूपीटीईटी परीक्षा का स्वरूप और पैटर्न

परीक्षा को दो भागों में बांटा गया है: पेपर 1 और पेपर 2। पेपर 1 कक्षा 1 से 5 तक के शिक्षकों के लिए है, जबकि पेपर 2 कक्षा 6 से 8 के शिक्षकों के लिए आयोजित किया जाता है। दोनों पेपरों का मूल ढाँचा कुछ इस प्रकार है:

सामान्य परीक्षा पैटर्न (Paper 1 & 2)

  • प्रश्न प्रकार: सभी प्रश्न बहुविकल्पीय (MCQ) होंगे।

  • प्रश्नों की संख्या: प्रत्येक पेपर में कुल 150 प्रश्न होंगे。

  • कुल अंक: 150 अंक।

  • परीक्षा अवधि: 2 घंटे 30 मिनट (150 मिनट)।

  • नकारात्मक अंकन: गलत उत्तरों के लिए कोई नकारात्मक अंकन नहीं होगा。

  • परिणाम: योग्यता पाने के लिए उम्मीदवार को कम से कम 60% अंक प्राप्त करने होंगे。

पेपर 1 और पेपर 2 का विस्तृत पैटर्न

पेपर 1 (प्राथमिक स्तर, कक्षा 1-5 के लिए)

पेपर 1 में पाँच अनुभाग होंगे। सभी अनुभागों में 30-30 प्रश्न पूछे जाएंगे।

विषय प्रश्नों की संख्या कुल अंक
बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र 30 30
भाषा 1 (हिंदी) 30 30
भाषा 2 (अंग्रेज़ी / उर्दू / संस्कृत) 30 30
गणित 30 30
पर्यावरण अध्ययन (EVS) 30 30
कुल 150 150

पेपर 2 (उच्च प्राथमिक स्तर, कक्षा 6-8 के लिए)

पेपर 2 में चार अनुभाग होंगे। ‘विज्ञान एवं गणित’ या ‘सामाजिक अध्ययन’ में से किसी एक को चुनना होगा।

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विषय प्रश्नों की संख्या कुल अंक
बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र 30 30
भाषा 1 (हिंदी) 30 30
भाषा 2 (अंग्रेज़ी / उर्दू / संस्कृत) 30 30
विज्ञान एवं गणित(या) सामाजिक अध्ययन (वैकल्पिक) 60 60
कुल 150 150

विषयवार पाठ्यक्रम (सिलेबस) 2026

बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र (Common for Paper 1 & 2)

इस खंड में शिक्षण के मनोवैज्ञानिक पहलुओं और बाल विकास को समझने पर फोकस है。

  • बाल विकास: विकास के विभिन्न चरण (शारीरिक, मानसिक, सामाजिक, भावनात्मक), विकास को प्रभावित करने वाले कारक (आनुवंशिकता और वातावरण), बच्चों की रचनात्मकता और अभिव्यक्ति।

  • अधिगम के सिद्धांत: पावलोव, स्किनर, थार्नडाइक (परीक्षण एवं त्रुटि), कोहलर (अंतर्दृष्टि), पियाजे (संज्ञानात्मक विकास) और वायगोत्स्की (सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत) के सिद्धांत।

  • शिक्षण विधियाँ: प्रभावी शिक्षण के तरीके, बुनियादी शिक्षण कौशल, माइक्रो टीचिंग, कक्षा प्रबंधन।

  • समावेशी शिक्षा: वंचित समूहों (भाषा, जाति, लिंग, दिव्यांग आदि) को शिक्षा से जोड़ने के उपाय, मार्गदर्शन एवं परामर्श की प्रक्रिया।

भाषा 1 (हिंदी) & भाषा 2 (अंग्रेज़ी / उर्दू / संस्कृत)

  • हिंदी (भाषा 1): इसमें हिंदी व्याकरण, वर्णमाला (स्वर, व्यंजन), शब्द रचना (संज्ञा, सर्वनाम, क्रिया आदि), लिंग, वचन, काल, विलोम, पर्यायवाची शब्द, मुहावरे और लोकोक्तियाँ, संधि, समास और अपठित गद्यांश शामिल हैं। साथ ही, भाषा शिक्षण के सिद्धांतों पर भी प्रश्न पूछे जाते हैं।

  • दूसरी भाषा (English/Urdu/Sanskrit): व्याकरण (संज्ञा, सर्वनाम, क्रिया, काल, Articles, Voice, Narration), विराम चिह्न, शब्द रचना, अपठित गद्यांश और भाषा शिक्षण शास्त्र पर प्रश्न पूछे जाएंगे।

पेपर 1: गणित (प्राथमिक स्तर)

  • गणितीय सामग्री: संख्याएँ, जोड़, घटाव, गुणा, भाग, ल.स. (LCM) और म.स. (HCF), भिन्न, दशमलव, प्रतिशत, लाभ और हानि, साधारण ब्याज।

  • ज्यामिति एवं मापन: आकृतियाँ (कोण, त्रिभुज, वृत्त), परिधि और क्षेत्रफल, मुद्रा, समय, वजन, लंबाई, तापमान मापन।

  • शैक्षणिक पहलू: गणितीय चिंतन, पाठ्यक्रम में गणित का स्थान, मूल्यांकन के तरीके, शिक्षण संबंधी कठिनाइयाँ।

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पेपर 1: पर्यावरण अध्ययन (EVS)

  • विषय सामग्री: परिवार, भोजन, स्वास्थ्य और स्वच्छता, पेड़-पौधे, जानवर, व्यवसाय, जल, परिवहन और संचार, त्यौहार।

  • भारत अध्ययन: राज्य एवं संविधान, राष्ट्रीय प्रतीक, भारत की नदियाँ, पर्वत और वन, शासन प्रणाली。

  • शैक्षणिक पहलू: ईवीएस शिक्षण की अवधारणा, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान के बीच संबंध।

पेपर 2: विज्ञान एवं गणित (वैकल्पिक)

यदि आप यह विकल्प चुनते हैं, तो आप 60 अंकों के इस खंड को पढ़ेंगे:

  • गणित: प्राकृतिक, पूर्ण और परिमेय संख्याएँ, बीजीय व्यंजक, रैखिक समीकरण, ज्यामिति (त्रिभुज, चतुर्भुज, वृत्त), अनुपात-समानुपात, चक्रवृद्धि ब्याज。

  • विज्ञान: मानव शरीर प्रणाली, पोषण, पदार्थ, बल, ऊर्जा, ध्वनि, प्रकाश, विद्युत, चुम्बकत्व, पर्यावरण संरक्षण, प्राकृतिक संसाधन。

  • शैक्षणिक पहलू: दोनों विषयों की शिक्षण विधियाँ और नवीन प्रयोग。

पेपर 2: सामाजिक अध्ययन (वैकल्पिक)

यदि आप सामाजिक अध्ययन को चुनते हैं, तो इस खंड में निम्नलिखित उप-विषय होंगे:

उप-विषय मुख्य अध्ययन क्षेत्र
इतिहास प्राचीन, मध्यकालीन व आधुनिक भारतीय इतिहास, स्वतंत्रता आन्दोलन।
नागरिकशास्र समाज, शासन, संविधान, लोकतंत्र, नागरिकता, राष्ट्रीय सुरक्षा।
भूगोल पृथ्वी, जलवायु, प्राकृतिक संसाधन, आपदाएँ, उत्तर प्रदेश का भूगोल।
अन्य पर्यावरण अध्ययन, गृह विज्ञान, शारीरिक शिक्षा एवं खेल, संगीत, कृषि।

परीक्षा में बदलाव और तैयारी के टिप्स

पिछले वर्षों की तुलना में, UPTET 2026 के पैटर्न में कुछ अहम बदलाव होने की संभावना है。अब केवल तथ्यों को रटने के बजाय, अवधारणाओं की समझ, विश्लेषणात्मक क्षमता और शिक्षण में उनके व्यावहारिक अनुप्रयोग पर अधिक जोर दिया जा रहा है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न: क्या UPTET का पाठ्यक्रम हर साल बदलता है?

उत्तर: जी नहीं, यह लगभग एक जैसा ही रहता है।

प्रश्न: पेपर 1 और पेपर 2 का सिलेबस एक जैसा है?

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उत्तर: नहीं, दोनों का पाठ्यक्रम अलग है। जैसा कि ऊपर विस्तार से समझाया गया है।

प्रश्न: क्या पेपर 1 और पेपर 2 दोनों देना जरूरी है?

उत्तर: यह आपके शिक्षक बनने के स्तर पर निर्भर करता है। कक्षा 1-5 के लिए केवल पेपर 1, कक्षा 6-8 के लिए केवल पेपर 2, और कक्षा 1-8 के लिए दोनों पेपर देने होंगे।

प्रश्न: परीक्षा में नकारात्मक अंकन है?

उत्तर: नहीं, किसी गलत उत्तर पर अंक नहीं काटे जाते。

Ashish Pandey

मेरा नाम आशीष पांडे है, मैं एक कंटेंट राइटर के तौर पर काम करता हूँ और मुझे लेख लिखना बहुत पसंद है। 4 साल के ब्लॉगिंग अनुभव के साथ मैं हमेशा दूसरों को प्रेरित करने और उन्हें सफल ब्लॉगर बनाने के लिए ज्ञान साझा करने के लिए तैयार रहता हूँ।