sir jharkhand form pdf: Sir Form jharkhand pdf | SIR Enumeration Form PDF download

On: April 21, 2026 12:27 PM
Follow Us:

रांची: झारखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया को फिलहाल रोक दिया गया है। अब राज्य में पहले डिजिटल जनगणना कराई जाएगी, जिसके बाद ही मतदाता सूची को अद्यतन (अपडेट) करने का कार्य शुरू होगा। यह निर्णय भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जनगणना महानिदेशालय के निर्देशों के बाद लिया गया है। यह परिवर्तन सिर्फ झारखंड तक सीमित नहीं है, बल्कि उन सभी राज्यों में लागू होगा जहां SIR की प्रक्रिया लंबित है। इस लेख में हम इस फैसले से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारियों, डिजिटल जनगणना की समय-सीमा और मतदाता सूची की वर्तमान स्थिति पर विस्तार से चर्चा करेंगे।

झारखंड SIR अपडेट

विवरण (Particulars) जानकारी (Details)
फैसला SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) को फिलहाल रोका गया
नई प्राथमिकता पहले डिजिटल जनगणना कराई जाएगी
डिजिटल जनगणना प्रारंभ 1 मई 2026 से
SIR की तैयारियां पहले की तरह जारी (नाम मैपिंग, कैंप आदि)
कुल मतदाता 2.65 करोड़
2003 सूची से मैपिंग 72% मतदाताओं की (लगभग 1.93 करोड़)
सामने आई त्रुटियां 6.72 लाख रिकॉर्ड में (5.44 लाख फोटो + 1.28 लाख नाम)

SIR क्या है और इसे क्यों रोका गया?

SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) यानी विशेष गहन पुनरीक्षण निर्वाचन आयोग द्वारा चलाया जाने वाला एक व्यापक अभियान है, जिसमें मतदाता सूची को पूर्ण रूप से त्रुटिरहित और अद्यतन किया जाता है। निर्वाचन आयोग ने अप्रैल-मई 2026 में SIR के अंतिम चरण की शुरुआत की योजना बनाई थी, लेकिन अब प्राथमिकताएं बदल गई हैं।

भारत के जनगणना महानिदेशालय के निर्देशों के कारण अब SIR को स्थगित कर देशव्यापी डिजिटल जनगणना को प्राथमिकता दी गई है। इसलिए, मतदाता सूची को अद्यतन करने का काम जनगणना पूरी होने के बाद ही शुरू होगा।

डिजिटल जनगणना 2026: पूरा शेड्यूल और नई सुविधाएं

झारखंड सरकार ने डिजिटल जनगणना का शेड्यूल तय कर दिया है। यह पहली बार होगा जब जनगणना पूरी तरह से डिजिटल माध्यम से कराई जाएगी, जिससे यह प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सटीक और सुविधाजनक बन सकेगी।

See also  UP Old Age Pension List 2026 | old age pension list 2026 27 | old age pension list 2026 up | vridha pension list 2026
चरण (Phase) अवधि (Duration) विवरण (Description)
स्व-गणना (Self-Enumeration) 1 मई से 15 मई 2026 नागरिक एक समर्पित वेब पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी स्वयं ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे।
हाउस लिस्टिंग (House Listing) 16 मई से 14 जून 2026 इस चरण में अधिकारियों द्वारा घर-घर जाकर सूची तैयार करने का काम किया जाएगा।

यह निर्णय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा दी गई मंजूरी के बाद लिया गया है, और इस संबंध में जल्द ही अधिसूचना जारी की जाएगी।

मतदाता सूची की वर्तमान स्थिति और प्रगति

इस बीच, झारखंड में वोटर लिस्ट को लेकर तैयारियां जारी हैं। पिछले कुछ महीनों में कई महत्वपूर्ण प्रगतियां हुई हैं:

  • पैतृक मैपिंग (Parental Mapping) का कार्य: राज्य में वर्ष 2003 की मतदाता सूची के साथ वर्तमान मतदाताओं का मिलान करने का कार्य तेजी से चल रहा है। अब तक, लगभग 72% मतदाताओं (करीब 1.93 करोड़) का मिलान सफलतापूर्वक किया जा चुका है। इस कार्य में पाकुड़ जिला सबसे आगे रहा है और इसे राष्ट्रीय स्तर पर ‘सर्वश्रेष्ठ निर्वाचन जिला’ पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया है।

  • शेष 28% मतदाता: लगभग 28 प्रतिशत मतदाता ऐसे हैं, जो या तो 2003 के बाद स्थान बदल चुके हैं, या उनकी पारिवारिक जानकारी पूरी नहीं मिल पाई है। ऐसे मतदाताओं को अपने जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे, ताकि उनकी पहचान सुनिश्चित की जा सके।

  • सामने आई त्रुटियां: इस जांच प्रक्रिया के दौरान, कुल 6.72 लाख मतदाताओं के रिकॉर्ड में त्रुटियां सामने आई हैं। इनमें से 5.44 लाख लोगों की फोटो सही नहीं है, जबकि 1.28 लाख मतदाताओं के नाम में गलती पाई गई है। इन सभी गड़बड़ियों को ठीक करने के लिए बूथ लेवल अधिकारी (BLO) लगातार काम कर रहे हैं।

  • 10 लाख नाम हटने की संभावना: अधिकारियों के अनुसार, मृत, स्थानांतरित और डुप्लीकेट मतदाताओं की संख्या करीब 10 लाख तक हो सकती है। SIR के दौरान ऐसे नामों को वोटर लिस्ट से हटाया जाएगा।

See also  kvs lottery result 2026: Kvs lottery result 2026 2027 | केवीएस लॉटरी परिणाम 2026 | Kvsangathan NIC in login

राजनीतिक पहलू और चुनौतियां

SIR की प्रक्रिया को लेकर झारखंड में राजनीतिक स्तर पर भी मतभेद देखने को मिल रहे हैं। कुछ विपक्षी दलों ने इसे मतदाताओं के बहिष्कार का एक साजिश वाला कदम बताया है। हालांकि, निर्वाचन आयोग का कहना है कि इस पूरी प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह सटीक और पारदर्शी बनाना है, ताकि आने वाले चुनाव निष्पक्ष और भरोसेमंद तरीके से कराए जा सकें।

मतदाताओं के लिए महत्वपूर्ण निर्देश

इस पूरी प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं के लिए कुछ आवश्यक कदम उठाना जरूरी है:

  1. अपनी जानकारी अपडेट रखें: सुनिश्चित करें कि मतदाता सूची में आपका नाम, पता और फोटो सही है।

  2. BLO से संपर्क करें: किसी भी प्रकार की त्रुटि या शिकायत के लिए अपने क्षेत्र के बूथ लेवल अधिकारी (BLO) से संपर्क करें।

  3. ऑनलाइन स्टेटस चेक करें: आप वोटर हेल्पलाइन ऐप या सीईओ झारखंड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपने नाम की स्थिति की जांच कर सकते हैं।

  4. जनगणना में सहयोग करें: 1 मई से शुरू हो रही डिजिटल जनगणना में अपनी जानकारी स्वयं दर्ज करके इस ऐतिहासिक पहल का हिस्सा बनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: झारखंड में SIR क्यों रोका गया है?
उत्तर: देशव्यापी डिजिटल जनगणना को प्राथमिकता देने के कारण झारखंड में SIR की प्रक्रिया को फिलहाल रोक दिया गया है। अब जनगणना पूरी होने के बाद ही वोटर लिस्ट अपडेट करने का काम शुरू होगा।

प्रश्न 2: डिजिटल जनगणना कब से शुरू हो रही है और यह कैसे काम करेगी?
उत्तर: डिजिटल जनगणना 1 मई 2026 से शुरू होगी। इसके तहत पहले 15 दिनों (1-15 मई) तक लोग एक वेब पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी खुद ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे, जिसके बाद 16 मई से 14 जून तक घर-घर जाकर सूची तैयार करने का काम किया जाएगा।

See also  10 Free Gemini AI Prompts for Luxury Cinematic Saree Designs on Indian Women (2026 Edition)

प्रश्न 3: झारखंड में कितने मतदाताओं की पैतृक मैपिंग पूरी हो चुकी है?
उत्तर: राज्य के कुल 2.65 करोड़ मतदाताओं में से लगभग 72% (करीब 1.93 करोड़) की मैपिंग वर्ष 2003 की मतदाता सूची के साथ पूरी हो चुकी है।

प्रश्न 4: वोटर लिस्ट में कितनी त्रुटियां पाई गई हैं और उन्हें कैसे सुधारा जाएगा?
उत्तर: अब तक 6.72 लाख मतदाताओं के रिकॉर्ड में त्रुटियां सामने आई हैं। इनमें 5.44 लाख फोटो और 1.28 लाख नामों में गलतियां शामिल हैं। बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर इन त्रुटियों को सुधारने का काम कर रहे हैं।

प्रश्न 5: क्या वोटर लिस्ट से नाम हटने की संभावना है?
उत्तर: हां, अधिकारियों के अनुसार, मृत, स्थानांतरित और डुप्लीकेट मतदाताओं की संख्या करीब 10 लाख तक हो सकती है, जिनके नाम SIR के दौरान वोटर लिस्ट से हटाए जाएंगे।

प्रश्न 6: अगर मेरा नाम वोटर लिस्ट में नहीं है या कोई त्रुटि है तो मैं क्या करूं?
उत्तर: आप अपने क्षेत्र के बूथ लेवल अधिकारी (BLO) से संपर्क करें। इसके अलावा, आप ‘वोटर हेल्पलाइन ऐप’ या सीईओ झारखंड की वेबसाइट पर जाकर फॉर्म-6 (नया पंजीकरण), फॉर्म-7 (नाम हटाने के लिए) या फॉर्म-8 (त्रुटि सुधार के लिए) ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

निष्कर्ष

झारखंड में SIR को स्थगित करने का निर्णय एक महत्वपूर्ण बदलाव है, जो डिजिटल जनगणना को प्राथमिकता देता है। यह कदम न केवल जनगणना प्रक्रिया को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाएगा, बल्कि लंबे समय में मतदाता सूची के अद्यतनीकरण को भी सुगम बनाएगा। सभी नागरिकों से अनुरोध है कि वे डिजिटल जनगणना में सक्रिय रूप से भाग लें और अपनी मतदाता संबंधी जानकारियों को नियमित रूप से जांचते रहें, ताकि लोकतंत्र की इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया को और मजबूत किया जा सके।

Ashish Pandey

मेरा नाम आशीष पांडे है, मैं एक कंटेंट राइटर के तौर पर काम करता हूँ और मुझे लेख लिखना बहुत पसंद है। 4 साल के ब्लॉगिंग अनुभव के साथ मैं हमेशा दूसरों को प्रेरित करने और उन्हें सफल ब्लॉगर बनाने के लिए ज्ञान साझा करने के लिए तैयार रहता हूँ।